– राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री
– प्रधानमंत्री के विजन से प्रदेश में आया सकारात्मक परिवर्तन
वाराणसी। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में पोषण और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि शासन की आदर्श व्यवस्था राम राज्य है और सरकार इसी भावना के साथ जनकल्याण के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल घोषणाएं होती थीं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप लगातार प्रयासों से आज लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब और कई केंद्र जर्जर अवस्था में थे। सरकार ने सत्ता में आने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता दी और उन्हें बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का काम किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों की अवधारणा को जमीन पर उतारकर दिखाया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और बेहतर देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को देखते हुए उनका मानदेय बढ़ाने का काम किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण और बाल विकास की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सीएम योगी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का प्रयास किया है, ताकि बच्चों और माताओं को बेहतर पोषण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने काशी की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी में कोई भूखा नहीं सो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार और सामाजिक संस्थाओं के प्रयासों से जरूरतमंद लोगों तक भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने पोषण को केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए समाज के सभी वर्गों से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित बच्चे ही मजबूत उत्तर प्रदेश और सशक्त भारत की नींव तैयार करेंगे। राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य भी जनभागीदारी के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ व्यापक अभियान को गति देना है।


