आगरा। शादी का सपना दिखाकर एक 20 वर्षीय किन्नर के साथ कथित धोखे का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि प्रेमी ने शादी का भरोसा देकर उससे करीब 10 लाख रुपये लिए और जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराने के लिए भी प्रेरित किया। पीड़िता ने शादी की उम्मीद में करीब तीन लाख रुपये खर्च कर तीन सर्जरी कराईं और महीनों तक शारीरिक पीड़ा झेली। बाद में उसे पता चला कि जिस युवक को वह अपना जीवनसाथी मान रही थी, वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।
पीड़िता के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले उसकी मुलाकात सिकंदरा क्षेत्र के लखनपुर निवासी त्रिवेंद्र से हुई थी। युवक आगरा की जूता फैक्ट्री में काम करता था। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और त्रिवेंद्र ने कथित तौर पर उससे शादी करने का भरोसा दिया। इसी भरोसे पर पीड़िता लखनऊ छोड़कर आगरा आ गई। आरोप है कि इसके बाद युवक उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाता और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।
पीड़िता का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर त्रिवेंद्र ने अलग-अलग जरूरतों के नाम पर उससे करीब 10 लाख रुपये ले लिए। इसमें बाइक के लिए चार लाख रुपये देने के अलावा दीपावली और रक्षाबंधन पर भी रकम देने की बात कही गई है। कुछ भुगतान नकद और कुछ दूसरे लोगों के खातों से यूपीआई के जरिए किए जाने का दावा पीड़िता ने किया है। उसके मुताबिक, लेन-देन से जुड़े कुछ साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं।
पीड़िता ने बताया कि त्रिवेंद्र ने उसे शादी के लिए जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराने को कहा था। उसके भरोसे पर उसने जनवरी में कानपुर जाकर उपचार कराया। पीड़िता के अनुसार, हार्मोन थेरेपी के बाद तीन चरणों में सर्जरी हुई। उसने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए और लंबे समय तक दर्द तथा अन्य परेशानियां झेलनी पड़ीं।
सर्जरी के बाद जब पीड़िता ने शादी की बात दोहराई तो युवक कथित तौर पर टालमटोल करने लगा। इसके बाद वह उसके घर पहुंची, जहां उसे युवक के पहले से शादीशुदा होने और दो बच्चों का पिता होने की जानकारी हुई। पीड़िता का आरोप है कि यह सच्चाई उससे करीब डेढ़ साल तक छिपाई गई। उसने युवक के परिवार पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
पीड़िता के अनुसार, उसने करीब आठ महीने पहले पुलिस से शिकायतों का सिलसिला शुरू किया। चौकी से लेकर सिकंदरा थाने, एडीसीपी सिटी और पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उसका कहना है कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है, इसलिए उसे अपनी बात रखने में भी परेशानी हुई। मीडिया में मामला सामने आने के बाद दो सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया।
अब पीड़िता किन्नर समुदाय के साथ राजस्थान में रहकर बधाई मांगकर जीवनयापन कर रही है। उसका कहना है कि परिवार और रिश्तेदारों से दूरी बन गई और जिस व्यक्ति पर उसने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उसी पर धोखा देने का आरोप है। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे अब न्याय की उम्मीद है।
सिकंदरा थाना प्रभारी राजीव त्यागी के मुताबिक, पीड़िता ने कुछ होटल से जुड़ी तस्वीरें और पैसों के लेन-देन से संबंधित साक्ष्य पुलिस को दिए हैं। पुलिस संबंधित होटलों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। दो सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


