शमशाबाद, फर्रुखाबाद। ढाई घाट शमशाबाद की गंगा कटरी क्षेत्र में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। मंगलवार को बाढ़ प्रभावित ग्राम समेंचीपुर चितार में जलस्तर बढ़ने से हालात और बिगड़ गए। चारों ओर पानी से घिरे गांव में जनजीवन प्रभावित होने की सूचना पर जिलाधिकारी फर्रुखाबाद और पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद ने प्रशासनिक अमले के साथ गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
दोपहर के समय जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ उपजिलाधिकारी कायमगंज, तहसीलदार कायमगंज, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व टीम, शमशाबाद थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम नाव एवं स्टीमर के जरिए गांव पहुंची। अधिकारियों ने बाढ़ के पानी के बीच गांव की गलियों और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
बाढ़ के पानी से गांव के कई हिस्से प्रभावित हैं और घरों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीने के पानी, भोजन और पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीणों में भविष्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों का प्राथमिकता के आधार पर ध्यान रखा जाए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी पुरानी समस्या भी रखी। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान उनका गांव पानी से घिर जाता है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की।
इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी परिवार असुरक्षित न रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को चिन्हित कर सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जैसे ही बाढ़ प्रभावित लोग बाढ़ शरणालय में पहुंचेंगे, प्रशासन की ओर से उनके रहने, भोजन, पीने के पानी, दवाओं और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षित स्थानों पर जाने में किसी तरह की लापरवाही न करें।
डीएम ने ग्रामीणों को आगाह करते हुए कहा कि गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और कोई भी परिवार अनावश्यक जोखिम न ले। उन्होंने ग्रामीणों से अपना जरूरी सामान तैयार रखने और सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन उनके साथ है और इस कठिन समय में हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी की अपील के बाद कई परिवारों ने मौके पर ही अपना जरूरी सामान पैक करना शुरू कर दिया। सामान को प्रशासन के स्टीमर में रखवाया गया और प्रभावित परिवारों को बाढ़ राहत शिविर की ओर भेजा गया।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एनडीआरएफ तथा राजस्व टीम को गांव में 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए। प्रशासन की टीमें लगातार जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
गंगा कटरी क्षेत्र में बाढ़ का कहर, डीएम-एसपी ने स्टीमर से किया निरीक्षण


