– संसदीय समिति की बैठक में शहर की जर्जर सड़कों और जाजमऊ गंगा पुल की बदहाली पर सवाल, मुख्य सचिव रहे खामोश
कानपुर। कानपुर की बदहाल सड़कों ने मंगलवार को उस समय प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी, जब वाणिज्य मंत्रालय से संबंधित संसदीय स्थायी समिति की बैठक में शहर की जर्जर सड़कों और जाजमऊ गंगा पुल की दुर्दशा का मुद्दा सीधे उठ गया।
होटल लैंडमार्क में आयोजित बैठक में समिति के चेयरमैन राहुल सिन्हा ने शहर में प्रवेश के दौरान हुए अपने अनुभव पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “लखनऊ से कानपुर पहुंचने में जितना समय नहीं लगा, उससे ज्यादा जाजमऊ से कानपुर के इस होटल पहुंचने में लग गया।”
चेयरमैन की इस टिप्पणी के बाद बैठक में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। मौके पर मौजूद प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. एसपी गोयल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कानपुर सांसद रमेश अवस्थी भी खामोश बैठे रहे।
बैठक में शामिल होने के लिए आने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जाजमऊ क्षेत्र से होकर होटल तक पहुंचने में खराब सड़क और यातायात की समस्या का सामना करना पड़ा। बदहाल मार्ग पर वाहनों के हिचकोले खाने का असर बैठक में भी दिखाई दिया। इसी मार्ग से मुख्य सचिव का काफिला भी बैठक स्थल तक पहुंचा।
करीब साढ़े पांच घंटे चली बैठक में कानपुर के औद्योगिक और कारोबारी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, रक्षा उद्योग, चमड़ा उद्योग, इत्र कारोबार और सराफा व्यापार से जुड़े उद्यमियों ने अपनी समस्याएं समिति के सामने रखीं। उद्यमियों ने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार, परिवहन व्यवस्था बेहतर करने और स्थानीय स्तर की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग रखी।


