अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के सिल्वर जुबली समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यों की भौगोलिक सीमाएं भले अलग हों, लेकिन विकसित भारत बनाने की सोच, संकल्प और लक्ष्य एक है। उन्होंने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में सेवा, शिक्षा और ग्रामीण उत्थान की अहम भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव केवल लोगों के रहने की जगह नहीं, बल्कि उत्पादन, ज्ञान, कला और शिल्प के वास्तविक केंद्र हैं। गांवों को मजबूत किए बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है। उत्तर प्रदेश में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना के जरिए पारंपरिक हुनर और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों और गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित कर रही है। इन विद्यालयों के माध्यम से वंचित और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार की उज्ज्वला और जनधन जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्षों में देश में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुआंमुक्त रसोई मिली, वहीं जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों परिवार बैंकिंग व्यवस्था से सीधे जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की कोशिश है कि विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी सार्थक होगी, जब गांव, गरीब, किसान, श्रमिक और वंचित वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
स्वर्ण भारत ट्रस्ट के कार्यक्रम में उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के जनसेवा और ग्रामीण विकास के प्रयासों की भी सराहना की। योगी ने कहा कि समाजसेवा के ऐसे प्रयास देश में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव तैयार करते हैं।


