1,312 बाढ़ शरणालय सक्रिय, 72,897 राहत किट और 3.67 लाख से अधिक भोजन पैकेट वितरित; 1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 चिकित्सा दल मैदान में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। अमरोहा से वाराणसी तक 26 जिलों में बाढ़ का असर सामने आने के बाद प्रशासनिक और राहत तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, दवाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है।
सरकारी राहत तंत्र के अनुसार अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,847 लोग बाढ़ शरणालयों में आश्रय ले रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए प्रदेश में कुल 1,312 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक 72,897 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा 3.67 लाख से अधिक भोजन पैकेट बांटे गए हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भोजन की समस्या का सामना न करना पड़े।
बचाव अभियान में 1,697 नाव और मोटरबोट सक्रिय हैं। वहीं स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए 1,068 चिकित्सा दल लगातार काम कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी और संक्रमण की आशंका को देखते हुए 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन की गोलियां तथा 1.87 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
प्रदेश में निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। 1,634 बाढ़ चौकियों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ के कारण किसी भी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं और चिकित्सा सहायता की कमी न होने पाए।
बाढ़ का असर केवल जनजीवन तक सीमित नहीं है। प्रदेश में 45 हजार से अधिक पशु भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से पशुओं के लिए भी आवश्यक सहायता और बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित 26 जिलों में राहत-बचाव दल लगातार सक्रिय हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, जलभराव वाले इलाकों में आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने तथा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


