न्याय मांगने निकले परिवार पर थाना प्रभारी ने पीटा और कहे अपशब्द
थानेदार पर महिला के बाल पकड़कर जमीन पर पटकने का आरोप
युवक से मारपीट और मोबाइल छीनने की कोशिश का वीडियो वायरल
फर्रुखाबाद। थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव कोरी खेड़ा में नौ माह पहले 10 वर्षीय मासूम आशुतोष पुत्र चंद्रप्रकाश गुप्ता की हत्या का मामला अब तक अनसुलझा है। बेटे की हत्या का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवार लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्रुखाबाद आगमन पर परिवार उनसे मिलकर अपनी फरियाद रखना चाहता था, लेकिन आरोप है कि मुख्यमंत्री तक पहुंचने से पहले ही जहानगंज पुलिस ने परिवार को रोकने के लिए सख्ती शुरू कर दी।
परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी पूनम अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और परिवार के साथ अभद्रता व मारपीट की गई। इसी दौरान एक युवक ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोप है कि उसका मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया और उसके साथ भी मारपीट की गई। मामले का सबसे गंभीर आरोप यह है कि थाना प्रभारी ने एक महिला के बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मां पर हत्या का आरोप और पिल्ले पैदा करने वाला वीडियो भी वायरल
शुक्रवार सुबह मृतक की बहन अंशिका गुप्ता ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उसका आरोप है कि थाना प्रभारी ने परिवार के साथ बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसी बीच एक अन्य वीडियो भी सामने आया, जिसमें थाना प्रभारी द्वारा मृतक की मां पर ही बेटे की हत्या का आरोप लगाने की बात कही जा रही है। वीडियो में मां कथित तौर पर भावुक होकर सवाल करती है कि कोई मां अपने बेटे की हत्या कैसे कर सकती है। वह यह भी कहती है कि यदि आपके बच्चे होते तो क्या आप ऐसा करतीं। इसके जवाब में पर थाना प्रभारी की ओर से बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि हम ऐसे पिल्ले पैदा नहीं किए है। वायरल वीडियो को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
नौ महीने बाद भी नहीं मिला मासूम को इंसाफ
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका मकसद केवल मुख्यमंत्री के सामने अपनी फरियाद रखना था। परिवार हत्या का खुलासा, आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री से मिलने से पहले ही पुलिस की कार्रवाई ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। सवाल यह है कि जब नौ महीने बाद भी मासूम की हत्या का राज नहीं खुल सका तो न्याय की गुहार लेकर निकले परिवार के साथ कथित मारपीट और अभद्रता क्यों की गई
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
शुक्रवार दोपहर मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद आलोक सिंह, क्षेत्राधिकारी अमोद कुमार सिंह और थाना जहानगंज के वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेश सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। क्षेत्राधिकारी अमोद कुमार सिंह ने बताया कि वह क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद के साथ मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और पीड़ित परिवार के साथ पुलिस ने किस स्तर तक कार्रवाई की। नौ महीने से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मासूम के परिवार को अब अधिकारियों की जांच से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद है।


