– केंद्र सरकार ला रही ‘ग्रेडेड प्वाइंट सिस्टम’
– बार-बार यातायात नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली। लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर अब सिर्फ चालान और जुर्माने का दबाव नहीं रहेगा, बल्कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस पर नकारात्मक अंक भी दर्ज किए जा सकते हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 66वें सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) वार्षिक सम्मेलन में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए ग्रेडेड प्वाइंट सिस्टम लाने की योजना की जानकारी दी।
प्रस्तावित व्यवस्था में हर यातायात उल्लंघन पर अंक काटे जाएंगे। निर्धारित सीमा तक अंक जमा होने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है और गंभीर अथवा बार-बार उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकेगा। वहीं जिम्मेदारी से वाहन चलाने वालों को बीमा समेत अन्य प्रोत्साहन दिए जाने की संभावना है।
देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
सड़क हादसों में लगभग 1.5 से 1.8 लाख लोगों की मौत होती है।
हादसों में मरने वालों में 18 से 36 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी करीब 66 प्रतिशत बताई गई है।
सरकार के अनुसार बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों पर निगरानी और कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए यह व्यवस्था प्रस्तावित है।
फिलहाल केंद्र सरकार ने अंकों की अंतिम सीमा या प्रत्येक उल्लंघन के लिए निर्धारित अंक सार्वजनिक नहीं किए हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे ‘इतने चालान पर सीधे लाइसेंस रद्द’ जैसे दावों को अंतिम नियम मानना सही नहीं होगा। सरकार ने पहले भी संसद में बताया था कि अंक आधारित दंड व्यवस्था के लिए मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन पर विचार चल रहा है।
ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने के लिए मौजूदा मोटर वाहन कानून में प्रावधान हैं। इसके अलावा ई-चालान व्यवस्था में बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान और रिकॉर्ड रखने की सुविधा मौजूद है।
यानी नया सिस्टम लागू होने के बाद ‘चालान कट गया और मामला खत्म’ वाली सोच पर लगाम लगाने की तैयारी है। हर उल्लंघन का रिकॉर्ड चालक के लाइसेंस व्यवहार से जोड़ा जाएगा और बार-बार गलती करने पर कार्रवाई क्रमशः कड़ी होती जाएगी।


