नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर आफत बन गया है। बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। बिहार में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर बह रही है और 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं आठ नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
पटना समेत कई इलाकों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पुनपुन नदी के तेज बहाव से कई जगह सड़कें बह गई हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को बिहार के 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश में भी नदियों के उफान और लगातार बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं। वाराणसी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है, जबकि अब तक 2,910 लोग विस्थापित हो चुके हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने 36 नावें लगाई हैं। बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के जिलाधिकारी और महापौर से फोन पर जानकारी ली।
प्रदेश में गुरुवार को 67 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें आगरा और मथुरा समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। खराब मौसम के चलते वाराणसी, बलिया समेत आठ जिलों में 3 सितंबर को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद कई जगह भूस्खलन हुआ। इसके चलते 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर भारी मलबा आने से कई वाहन रातभर फंसे रहे। प्रशासन की टीमें सड़कें खोलने और मलबा हटाने में जुटी हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून के सक्रिय सिस्टम के चलते नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई इलाकों में भूस्खलन और अचानक बढ़े नदी-नालों के बहाव से खतरा बना हुआ है।
पंजाब और चंडीगढ़ में भी बारिश के बाद गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने 5 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। राजस्थान में भी मानसून फिर सक्रिय होने के बाद कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हुआ है।
देश के कई राज्यों में एक साथ सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर, भूस्खलन और जलभराव के कारण संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है।


