डॉ. विजय गर्ग
हम अक्सर अपने हृदय, मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए व्यायाम करते हैं, लेकिन शारीरिक गतिविधि मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से शरीर को सक्रिय रखने से याददाश्त, सोचने की क्षमता, सीखने की योग्यता और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। शोध यह भी बताते हैं कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से बढ़ती उम्र के साथ मानसिक क्षमता में आने वाली कमी और डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है।
व्यायाम शरीर में रक्त और ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाता है, जिसका लाभ मस्तिष्क को भी मिलता है। तेज चलना, साइकिल चलाना, तैराकी, नृत्य करना और विभिन्न खेल खेलना जैसी गतिविधियाँ हृदय गति को बढ़ाती हैं और मस्तिष्क के स्वस्थ कार्य को सहयोग देती हैं। शारीरिक गतिविधि अच्छी नींद, तनाव और चिंता को कम करने के साथ-साथ एकाग्रता और याददाश्त को बेहतर बनाने में भी सहायक हो सकती है।
एक स्वस्थ मस्तिष्क का गहरा संबंध स्वस्थ हृदय और रक्त संचार प्रणाली से होता है। नियमित व्यायाम रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण कारकों को नियंत्रित रखने में मदद करता है और इस प्रकार मस्तिष्क के स्वास्थ्य को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
अच्छी बात यह है कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए हमेशा कठिन या अत्यधिक व्यायाम करना आवश्यक नहीं है। पैदल चलना, तैराकी, साइकिल चलाना, नृत्य करना, बागवानी और अन्य मनपसंद गतिविधियाँ हमें सक्रिय बनाए रख सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम ऐसी गतिविधियाँ चुनें जो हमारी क्षमता के अनुकूल हों और जिन्हें हम नियमित रूप से कर सकें।
हर कदम, हर खिंचाव और शरीर की हर गतिविधि एक स्वस्थ भविष्य में निवेश है। अपने शरीर को सक्रिय रखें, नियमित व्यायाम करें और अपने मस्तिष्क को वह सुरक्षा और देखभाल दें, जिसका वह हकदार है।
डॉ. विजय गर्ग
प्रख्यात वैज्ञानिक एवं ऑनलाइन मैगज़ीन FnBWorld.com के अकादमिक संपादक
मलोट, पंजाब


