फर्रुखाबाद। शमसाबाद विकासखंड क्षेत्र के समैचीपुर चितार गांव में गंगा नदी का कटान लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को कटान की चपेट में आकर चार पक्के मकानों का आधे से अधिक हिस्सा गंगा में समा गया। मकान नदी में बहते देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कटान बढ़ने के कारण कई परिवार अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार शाहवान, अरमान, प्रमिला बानो और सोहेल के मकानों का बड़ा हिस्सा कटकर गंगा में समा गया। मकानों का बचा हुआ हिस्सा भी लगातार कटान की जद में है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से नदी का कटान जारी है, जिससे गांव में रहने वाले परिवारों के सामने घर और सामान बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने गांव के सामने गंगा में परकोपाइन लगाए थे, लेकिन तेज बहाव के चलते ये भी कटान को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों ने परकोपाइन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए स्थायी बचाव कार्य कराने की मांग की है।
सिंचाई विभाग के जेई सुखवंत सिंह राठौड़ ने बताया कि कटान की गति काफी तेज होने के कारण परकोपाइन के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं। विभाग की ओर से बचाव कार्य लगातार जारी है। करीब 350 पिलर ट्रैक्टरों से मौके पर भेजे जा चुके हैं और उन्हें कटान वाले स्थानों पर लगाया जा रहा है। इसके अलावा करीब 80 परकोपाइन सेट भी भेजे गए हैं। विभाग का प्रयास है कि कटान की रफ्तार को नियंत्रित कर ग्रामीणों के मकानों और आबादी को सुरक्षित रखा जा सके।


