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Saturday, August 29, 2026

लाल किला धमाके में NIA की चार्जशीट दाखिल, 7500 पन्नों में 588 गवाह; आतंकी साजिश का खुलासा

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नई दिल्ली: नवंबर 2025 में नई दिल्ली के लाल किले (Red Fort) के पास हुए कार बम धमाके के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच के आधार पर बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट (charge sheet) दाखिल की है। इसमें बड़ी संख्या में गवाहों के बयान, दस्तावेज और जब्त की गई सामग्री को अहम सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। शनिवार को राउज एवेन्यू स्थित विशेष NIA अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया। एजेंसी की ओर से दाखिल आरोपपत्र में जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।

NIA की चार्जशीट के मुताबिक, एजेंसी ने लाल किले के पास हुए कार बम धमाके को महज एक ब्लास्ट की घटना नहीं, बल्कि बड़े कथित आतंकी षड्यंत्र के तौर पर पेश किया है। जांच के दौरान एजेंसी ने मामले की कड़ियों को खंगालने के लिए कई राज्यों में कार्रवाई की। NIA ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में जांच की। एजेंसी ने अलग-अलग स्थानों से जुटाए गए दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया है।

NIA के मुताबिक, अभियोजन शिकायत में 588 मौखिक गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा जांच के दौरान जुटाए गए 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को भी साक्ष्य का हिस्सा बनाया गया है। जांच एजेंसी ने मामले में वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के साथ DNA प्रोफाइलिंग, फिंगरप्रिंटिंग और वॉयस एनालिसिस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया। NIA के अनुसार, इन वैज्ञानिक जांचों से ब्लास्ट में मारे गए डॉ. उमर उन नबी की पहचान स्थापित करने में मदद मिली। NIA ने चार्जशीट में डॉ. उमर उन नबी को कथित तौर पर पूरी साजिश का मुख्य आरोपी बताया है। हालांकि, उसकी मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव चार्जशीट में रखा गया है।

NIA ने मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने पहली चार्जशीट 14 मई को दाखिल की थी। इसके बाद 27 जून 2026 को सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की गई। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़े कानूनों के तहत आरोप लगाए गए हैं।

चार्जशीट में आरोपी के तौर पर आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। एजेंसी के मुताबिक, एक आरोपी अभी फरार है।NIA ने मामले की जांच दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं रखी। एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में जांच की। इस दौरान बड़ी संख्या में गवाहों के बयान, दस्तावेज और जब्त सामग्री जुटाई गई।

NIA ने चार्जशीट में दावा किया है कि लाल किले के पास हुए धमाके में हाई-इंटेंसिटी Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (VBIED) का इस्तेमाल किया गया था। एजेंसी के मुताबिक, इसमें Triacetone Triperoxide (TATP) नामक विस्फोटक का इस्तेमाल किए जाने के सबूत मिले हैं। NIA का आरोप है कि इसे तैयार करने के लिए कई प्रयोग किए गए थे।

जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर हथियार और गोला-बारूद जुटाए थे। इसके अलावा रॉकेट आधारित और ड्रोन से संचालित IED से जुड़े प्रयोग किए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है। NIA के अनुसार, जांच के दौरान AK-47, क्रिनकोव राइफल और देसी पिस्तौल जैसे प्रतिबंधित हथियारों की कथित अवैध खरीद से जुड़े संकेत भी सामने आए हैं। एजेंसी ने इन तथ्यों को मामले में कथित आतंकी साजिश से जोड़ते हुए चार्जशीट में शामिल किया है।

NIA की चार्जशीट में आरोपियों के कथित आतंकी नेटवर्क और एक बड़े षड्यंत्र का भी जिक्र किया गया है। एजेंसी के मुताबिक, कुछ आरोपी अंसर गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे, जिसे NIA ने AQIS से संबद्ध संगठन बताया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में हुई एक कथित गुप्त बैठक के दौरान संगठन को ‘AGuH Interim’ के तौर पर पुनर्गठित करने की कोशिश की थी। NIA ने इसे कथित तौर पर व्यापक आतंकी साजिश का हिस्सा बताया है।

चार्जशीट में ‘ऑपरेशन हेवनिली हिंद’ नाम के कथित अभियान का भी उल्लेख किया गया है। NIA का आरोप है कि इस अभियान के जरिए लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाकर शरिया आधारित शासन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था। एजेंसी ने इन आरोपों को लाल किले के पास हुए धमाके से जुड़ी कथित साजिश की व्यापक जांच के हिस्से के तौर पर चार्जशीट में शामिल किया है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप फिलहाल अदालती परीक्षण के अधीन हैं और इनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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