डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वालों पर क्राइम ब्रांच का शिकंजा, 1 से 20 अगस्त तक 2.40 करोड़ से अधिक की रकम होल्ड
लखनऊ। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के खिलाफ लखनऊ क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन डिजिटल कवच शुरू किया है। पुलिस, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को गिरफ्तारी का डर दिखाने वाले साइबर ठगों पर कार्रवाई तेज की जा रही है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक साइबर अपराधी लोगों को फोन या वीडियो कॉल कर खुद को पुलिस, सीबीआई अथवा ईडी का अधिकारी बताते हैं। इसके बाद पीड़ित को किसी कथित आपराधिक मामले में फंसने या गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता है। ठग वीडियो कॉल पर ही पूछताछ और गिरफ्तारी जैसी स्थिति पैदा कर पीड़ित को मानसिक दबाव में लेते हैं और उससे रकम ट्रांसफर करा लेते हैं।
20 दिनों में 2.40 करोड़ से अधिक रकम होल्ड
साइबर ठगी के मामलों में तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 1 से 20 अगस्त तक 2.40 करोड़ रुपये से अधिक की रकम होल्ड कराई गई है, ताकि ठगी की रकम को अपराधियों तक पहुंचने से रोका जा सके।
इसके अलावा साइबर सेल की कार्रवाई के चलते 16.97 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए हैं। वहीं साइबर थाने की ओर से भी कार्रवाई करते हुए 24 लाख रुपये की ठगी की रकम वापस कराई गई है।
क्राइम ब्रांच ने लोगों को स्पष्ट किया है कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। कोई भी पुलिस अधिकारी, सीबीआई या ईडी अधिकारी वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसे घर में कैद रहने या ऑनलाइन पूछताछ के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए बाध्य नहीं करता।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाए और पैसे की मांग करे तो घबराएं नहीं। कॉल को तुरंत काटें और किसी भी खाते में रकम ट्रांसफर न करें।
क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों से तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। शिकायत में जितनी जल्दी कार्रवाई होगी, ठगी की रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे वापस दिलाने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
पुलिस ने लोगों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने और अनजान वीडियो कॉल, फोन कॉल या संदेशों पर विश्वास न करने की अपील की है। साथ ही लोगों को साइबर ठगी से बचाव के लिए अभिनेता नाना पाटेकर की जागरूकता फिल्म देखने की भी अपील की गई है।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि डर ही साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल पर घबराने के बजाय सत्यापन करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।


