बदायूं। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में मंगलवार को ग्राम समाज की भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर दिनभर तनाव के बाद शाम को हालात बेकाबू हो गए। प्रतिमा लगाने की मांग पर अड़े ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच विवाद बढ़ने पर भीड़ ने अधिकारियों और पुलिस बल पर जमकर पथराव कर दिया।
करीब आधे घंटे तक हुए पथराव में एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की गाड़ियों समेत करीब एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पीएसी ट्रक, दमकल वाहन, कई थानों के इंस्पेक्टरों की गाड़ियों और दो निजी एंबुलेंस के शीशे भी टूट गए। पथराव के दौरान पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों समेत कई लोग घायल हुए हैं।
बताया गया कि ग्राम समाज की खलिहान भूमि पर बिना अनुमति आंबेडकर प्रतिमा स्थापित किए जाने और बाद में प्रतिमा को गिराकर क्षतिग्रस्त किए जाने के आरोप के बाद सुबह से ही गांव में तनाव की स्थिति थी। शाम करीब साढ़े सात बजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भीड़ के पथराव से मौके पर भगदड़ मच गई और लोग अपनी बाइकें छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
पथराव में आसफपुर के अधिवक्ता प्रदीप कुमार के सिर में पत्थर लगने से गंभीर चोट आई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सिर में छह टांके लगाए गए। एसडीएम के पैर और उनके अर्दली के हाथ में भी पत्थर लगने से चोट आई। आधा दर्जन महिला पुलिसकर्मियों समेत अन्य पुलिसकर्मी भी घायल बताए गए हैं।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बल ने बल प्रयोग कर भीड़ को मौके से खदेड़ा और आंबेडकर प्रतिमा को सुरक्षित कब्जे में लेकर रखवा दिया। पुलिस ने करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया है। सूचना पर जिलाधिकारी अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ गांव में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
एसएसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक, ग्राम समाज की भूमि पर प्रतिमा लगाए जाने की सूचना के बाद सुबह से ही पुलिस बल तैनात था। शाम को कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई कर्मचारी घायल हुए हैं। प्रतिमा को सुरक्षित रखवा दिया गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


