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Tuesday, August 25, 2026

जाति जनगणना के सवालों पर राहुल-खड़गे ने उठाए सवाल, PM मोदी को लिखी चिट्ठी

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जनगणना-2027 में जातिगत आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। दोनों नेताओं ने जनगणना में पूछे जाने वाले जाति संबंधी सवालों में बदलाव की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा प्रारूप से देश में पिछड़े वर्गों की वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा सामने आने में परेशानी हो सकती है।

राहुल गांधी और खड़गे ने कहा कि जनगणना के सवाल तैयार करने से पहले राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों और आम लोगों से व्यापक सलाह ली जानी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर सवालों में ‘पिछड़ा वर्ग’ शब्द नहीं होने पर आपत्ति जताई है।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, यदि लोगों से केवल जाति का नाम पूछा जाता है तो एक ही जाति अलग-अलग नामों या उपजातियों के नाम से दर्ज हो सकती है। इससे आंकड़ों में भ्रम पैदा होने और अलग-अलग समुदायों की आबादी का सही आकलन नहीं हो पाने की आशंका है। इसका असर पिछड़े, अति पिछड़े और अन्य वंचित वर्गों के लिए बनाई जाने वाली सरकारी योजनाओं पर भी पड़ सकता है।

पत्र में जातियों की पहचान के लिए एक समान प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई है। कांग्रेस ने सुझाव दिया है कि जातियों के नाम दर्ज करने के लिए सरकारी जाति सूचियों और भारतीय मानवशास्त्रीय सर्वेक्षण के आधार पर तय सूची या विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए बिहार और तेलंगाना में अपनाई गई प्रक्रिया का उदाहरण दिया गया है।

14 अगस्त को जनगणना-2027 के 40 सवालों की सूची जारी की गई थी। इसमें पहली बार आजादी के बाद सभी समुदायों की जातिगत जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। जाति से जुड़ा सवाल सूची में 10वें नंबर पर है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और जाति की जानकारी मांगी जाएगी।

जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। लोगों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। केंद्र सरकार के अनुसार जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

केंद्र ने जनगणना-2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था।

जातिगत आंकड़ों को लेकर कांग्रेस की यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब जनगणना-2027 में पहली बार देशभर के सभी समुदायों की जातिगत जानकारी दर्ज किए जाने को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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