प्रदर्शन से पहले जुटाई जाएंगी 10 अहम जानकारियां
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुई हिंसा से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी खुफिया व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है। अब राजधानी में किसी भी बड़े प्रदर्शन या आंदोलन से पहले पुलिस की विशेष शाखा को कम से कम 10 महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने और उनका विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले आयोजकों, प्रमुख नेताओं, प्रदर्शनकारियों की संख्या, उनके आने वाले राज्यों, संगठनों की भूमिका और आंदोलन के प्रमुख मुद्दों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के दिल्ली में ठहरने के स्थान, आने-जाने के रास्ते, स्थानीय संपर्क और भीड़ जुटाने के तरीकों का भी आकलन किया जाएगा।
पुलिस अब यह भी पता लगाएगी कि प्रदर्शन में कौन-कौन से संगठन शामिल हैं, उनका आपसी जुड़ाव क्या है और आंदोलन को किस स्तर से समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शन के लिए होने वाली आर्थिक व्यवस्था और अन्य संसाधनों की जानकारी भी जुटाने पर जोर दिया गया है।
यह बदलाव 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद किया गया है। उस दौरान हजारों युवाओं ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी और पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
पुलिस मुख्यालय के स्तर पर हालिया प्रदर्शनों की समीक्षा में सामने आया कि कई मामलों में प्रदर्शनकारियों की वास्तविक संख्या, संगठनों की भूमिका और विभिन्न समूहों की भागीदारी की पर्याप्त जानकारी पहले से उपलब्ध नहीं थी। इसी के बाद विशेष शाखा को जमीनी स्तर से अधिक सटीक और कार्रवाई योग्य सूचना जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती भी पहले से मिले खुफिया इनपुट के आधार पर की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य भीड़ के आकार का अनुमान लगाने तक सीमित न रहकर संभावित जोखिमों को पहले से पहचानना और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी तैयारी करना है।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को समय रहते रोका जा सके।


