51 बाल कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
कायमगंज। सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को कायमगंज क्षेत्र में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर रहा। सुबह से ही शिवालय हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे। शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं। पुरुषों के साथ महिलाओं और बालिकाओं ने भी कांवड़ यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नगर सीमा से सटे मुड़ौल गांव स्थित महाभारतकालीन ऐतिहासिक सोनसर्वा मंदिर और शिवाला मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। लाल कुआं, पृथ्वी दरवाजा, फूलमती मंदिर और बड़ी देवी मंदिर में भी दिनभर धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे।
कंपिल के पौराणिक रामेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने दूध, दही, शहद और गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। इसके बाद भांग, धतूरा, फल, फूल और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का श्रृंगार किया गया। कई श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक भी कराया। अटैना घाट से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थे लगातार शिवालयों की ओर बढ़ते रहे। डीजे की भक्तिमय धुनों और शिवभक्तों के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
51 बाल कांवड़ों की निकली यात्रा
विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में 51 बाल कांवड़ियों की विशेष कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा फूलमती मंदिर से शुरू होकर बजरिया, पुल गालिब, पटवनगली, मुख्य चौराहा और गंगा दरवाजा होते हुए पौराणिक सोनसर्वा मंदिर पहुंची। यात्रा में गरिमा, गौरी, निधि और विधि समेत कई बालिकाएं कंधों पर कांवड़ लेकर शामिल हुईं। मंदिर पहुंचने के बाद सभी ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और मनोकामना मांगी।
40 ई-रिक्शा रहे आकर्षण का केंद्र
मोहल्ला सधवाड़ा से रावण दहन कमेटी के बैनर तले भी कांवड़ यात्रा निकाली गई। शिवभक्तों ने अटैना घाट से गंगाजल भरा और कांवड़ लेकर सोनसर्वा मंदिर की ओर रवाना हुए। यात्रा में 40 सजाए गए ई-रिक्शा आकर्षण का केंद्र रहे। डीजे की भक्तिमय धुनों पर शिवभक्त नाचते-गाते मंदिर पहुंचे और शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया।
दोनों कांवड़ यात्राओं का नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी तैनात रही। अंतिम सोमवार पर पूरे कायमगंज क्षेत्र में सुबह से लेकर देर शाम तक धार्मिक उल्लास और शिवभक्ति का माहौल बना रहा।


