लखनऊ। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में रविवार को लखनऊ में सवर्ण मोर्चा संगठन से जुड़े ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। वीमेन पावर लाइन चौराहे पर 300 से अधिक प्रदर्शनकारी जुटे और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने समेत यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां थीं। लोहिया पथ की ओर बढ़ते हुए प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण सांसदों, विधायकों और नेताओं की सांकेतिक अर्थी निकाली। इस दौरान ‘मुर्दा है भाई, मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है’ जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन के चलते वीमेन पावर लाइन चौराहे से बैकुंठ धाम, हजरतगंज और वीआईपी गेस्ट हाउस की ओर जाने वाले मार्गों पर जाम की स्थिति बनी।
बैकुंठ धाम पहुंचकर प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए। संगठन के अध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा कि यूजीसी के नए नियम स्वीकार नहीं किए जाएंगे और नियम पूरी तरह वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नए नियमों से सवर्ण छात्रों के हित प्रभावित होंगे और उनके खिलाफ भेदभाव की स्थिति बन सकती है।
वहीं प्रदर्शन में शामिल कुछ अन्य वर्गों के लोगों ने भी सवर्ण समाज के समर्थन में तख्तियां लेकर भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन को देखते हुए पांच थानों की पुलिस तैनात की गई थी। दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस ने बैकुंठ धाम के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला।


