फर्रुखाबाद। डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत जिले में महापुरुषों, राष्ट्रीय स्तर के समाज सुधारकों और सांस्कृतिक विभूतियों की प्रतिमाओं के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की कवायद शुरू हो गई है। योजना के तहत एक स्मारक पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक खर्च किए जाएंगे। संबंधित विभाग की ओर से करीब 28 प्रतिमाओं और स्मारकों के एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजे गए हैं।
शासन के निर्देश के अनुसार 31 दिसंबर 2026 तक स्थापित दिवंगत विभूतियों की प्रतिमाओं को योजना में शामिल कर उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जाना है। इसके साथ ही प्रतिमा स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त रखने, छत्र अथवा अन्य संरचना बनाकर मौसम से सुरक्षा देने और लंबे समय तक प्रतिमाओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी।
योजना के अंतर्गत प्रतिमा स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, हरियाली, साफ-सफाई और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य कर आकर्षक एवं सम्मानजनक वातावरण तैयार किया जाएगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाली प्रतिमाओं को पर्यावरणीय प्रभाव तथा उपेक्षा से होने वाले नुकसान से बचाने पर भी विशेष जोर रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार प्रतिमाओं और स्मारकों के चिह्नीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। एस्टीमेट तैयार होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। योजना के क्रियान्वयन से जिले में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं को नया स्वरूप मिलने के साथ उनकी सुरक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।


