तीन नामजद आरोपियों का नारको व पॉलीग्राफ टेस्ट होगा
जहानगंज, फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र के कोरीखेड़ा गांव में आठ माह पहले हुई 10 वर्षीय छात्र आशुतोष की हत्या का मामला अभी तक अनसुलझा है। पुलिस अब हत्याकांड में नामजद तीन आरोपियों का नारको और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी में है। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया जा चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच से मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं।
कोरीखेड़ा निवासी चंद्रप्रकाश गुप्ता का पुत्र आशुतोष कक्षा चार का छात्र था। 10 दिसंबर 2025 की शाम वह अपने चाचा रामजीत के पास खेत पर गया था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। काफी तलाश के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चला तो पिता ने आठ लोगों के खिलाफ अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी।
परिजनों का आरोप था कि शिकायत के बावजूद शुरुआती दौर में पुलिस की कार्रवाई प्रभावी नहीं रही। इसके बाद 13 दिसंबर को परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश तेज की। अगले दिन 14 दिसंबर को आशुतोष का शव आलू की फसल के बीच एक कुड़ी में पड़ा मिला। शव बेल से ढका हुआ था और शरीर पर चोट के निशान भी मिले थे। घटना के बाद पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गईं और अलग-अलग पहलुओं पर जांच की गई, लेकिन करीब आठ महीने बीतने के बाद भी घटना का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। मामले में नामजद आरोपियों में से अभी तक किसी को जेल नहीं भेजा गया है।
जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी के अनुसार, नामजद आरोपियों में आदित्य, अंशू और सनी शामिल हैं। इन तीनों का नारको और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से मिल चुकी है। आरोपियों का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका है। अब उन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए गाजियाबाद भेजे जाने की तैयारी है।
पुलिस के अनुसार नारको टेस्ट के लिए दो अन्य करीबी लोगों को भी नामित किया गया था। इनमें से एक व्यक्ति स्वास्थ्य संबंधी कारणों से परीक्षण के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया, जबकि दूसरा पुलिस के बुलाने पर गांव से चला गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जारी है। वैज्ञानिक परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। अब परिजनों को उम्मीद है कि नारको और पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए लंबे समय से अनसुलझे इस हत्याकांड में कोई महत्वपूर्ण सुराग सामने आएगा और आशुतोष की मौत का रहस्य खुल सकेगा।


