यूथ इंडिया कन्नौज
कन्नौज। अतिप्राचीन बाबा गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक से पहले उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब हरदोई समेत आसपास के जिलों से पहुंचे कांवड़ियों ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते कांवड़ियों का आक्रोश बढ़ गया और मंदिर परिसर में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होने लगी।कांवड़ियों का आरोप था कि सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
कांवड़ियों ने कोतवाल को हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और कांवड़ियों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने कांवड़ियों को समझाया और मामले में कार्रवाई का भरोसा देते हुए उनसे माफी मांगी, जिसके बाद उनका आक्रोश धीरे-धीरे शांत हुआ।
इसी दौरान सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी अधिकारियों और कांवड़ियों के सामने इस्तीफा देने की बात कही। वहीं, मामले में एक सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।प्रशासन की ओर से माफी और कार्रवाई के आश्वासन के बाद कांवड़ियों ने अपना विरोध समाप्त किया और जलाभिषेक के लिए आगे बढ़े।
हालांकि सवाल यह है कि आखिर जलाभिषेक करने पहुंचे शिवभक्तों और पुलिस के बीच ऐसा क्या हुआ कि विवाद इतना बढ़ गया कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर माफी मांगनी पड़ी और पुलिसकर्मी पर कार्रवाई तक करनी पड़ी? घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की कार्यशैली और श्रद्धालुओं के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


