लखनऊ: त्योहार से पूर्व चीनी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी और चीनी संकट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी (sugar) की कोई कमी नहीं है। इसलिए लोग किसी भी तरह की अफवाह से परेशान न हों। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडारण उपलब्ध है। इसमें सहकारी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी शामिल है।
जून और जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है, जिसमें से अधिकांश मात्रा अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि चीनी की कमी का भ्रम फैलाने और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक या एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकता। बल्क उपभोक्ता भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को विक्रय की तारीख से सात दिन से अधिक गोदाम में नहीं रोकेंगी।
योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीकृत चीनी मिलों तथा थोक व खुदरा विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराएं। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक या जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की जाए। चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी कृत्रिम कमी या मूल्य वृद्धि की स्थिति में तुरंत शासन को सूचित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है, जिससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन की उम्मीद है। प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत करीब चार लाख टन है।


