बेसिक शिक्षा के टेंडर में कथित फर्जी बैंक गारंटी लगाने का मामला; रायबरेली में भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर, अन्य विभागों के टेंडरों की जांच की उठी मांग
यूथ इंडिया संवाददाता, लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों के टेंडर को लेकर वीवरसॉफ्ट सॉल्यूशंस कंपनी पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर फर्जी ईएमडी/एफडीआर और बैंक गारंटी लगाए जाने के मामले में कंपनी के खिलाफ कानपुर देहात में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले के सामने आने के बाद कंपनी द्वारा अलग-अलग विभागों में हासिल किए गए टेंडरों की जांच की मांग भी तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टेंडर हासिल करने के लिए कंपनी की ओर से कथित तौर पर ऐसी बैंक गारंटी प्रस्तुत की गई, जिसकी सत्यता को लेकर सवाल उठे। जांच के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और कानपुर देहात में वीवरसॉफ्ट सॉल्यूशंस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
आरोप है कि टेंडर की शर्तों को पूरा करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इस कार्रवाई के बाद सरकारी निविदाओं में जमा कराए गए वित्तीय दस्तावेजों की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वीवरसॉफ्ट सॉल्यूशंस के खिलाफ इससे पहले रायबरेली में भी एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। यह मामला बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से संबंधित बताया जा रहा है। लगातार दूसरे मामले में कंपनी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई होने के बाद सरकारी विभागों में उसके द्वारा प्राप्त किए गए अन्य टेंडरों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार कंपनी से जुड़े मनोज जायसवाल के पास विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में मांग उठ रही है कि केवल एक या दो मामलों तक जांच सीमित न रखकर कंपनी द्वारा अलग-अलग विभागों में लगाए गए ईएमडी, एफडीआर, बैंक गारंटी और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच कराई जाए।
मामले में अब यह मांग उठ रही है कि वीवरसॉफ्ट सॉल्यूशंस द्वारा पिछले वर्षों में हासिल किए गए सभी सरकारी टेंडरों की जांच कराई जाए। विशेष रूप से उन टेंडरों में जमा की गई ईएमडी, एफडीआर और बैंक गारंटी की संबंधित बैंकों से स्वतंत्र रूप से पुष्टि कराई जाए।
यदि जांच में कहीं भी फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देकर सरकारी टेंडर हासिल करने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल कानपुर देहात में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।


