50 हजार से अधिक लोग प्रभावित
फर्रुखाबाद। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से जिले में 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
शनिवार सुबह नरौरा बांध से 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे आने वाले घंटों में गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका है। अमृतपुर तहसील में बाढ़ का सबसे अधिक असर दिखाई दे रहा है। गंगा के साथ रामगंगा नदी का पानी भी निचले इलाकों में पहुंचने लगा है।
अमृतपुर क्षेत्र में स्टेट हाईवे स्थित चित्रकूट डिप पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर मार्ग बंद कर दिया है। सुरक्षा के लिए डिप के दोनों ओर पुलिसकर्मियों की 24 घंटे तैनाती की गई है।
अमृतपुर तहसील के 50 से अधिक गांव बाढ़ से घिर गए हैं। बरुआ, बुढ़िया भेड़ा, सबलपुर और जोगराजपुर समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को जरूरी सामान लाने-ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा का पानी स्टेट हाईवे पर तीन स्थानों पर बह रहा है। चित्रकूट डिप के अलावा राजेपुर डिप समेत दो अन्य स्थानों पर भी फर्रुखाबाद-बदायूं स्टेट हाईवे पर पानी चल रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।
थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह ने बताया कि चित्रकूट डिप को दोनों ओर से बंद कर दिया गया है। पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहकर वाहनों और लोगों को पानी के बीच से गुजरने से रोकेंगे। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।


