अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा गिनने के दौरान चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम ने अंतिम जांच रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं है। मामले में नामजद आठ आरोपी पहले से जेल में हैं।
चढ़ावा चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि चढ़ावा गिनते समय नोट और गहनों की चोरी की गई। मुकदमा दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
जांच टीम ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसके बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया था।
मामले में दाखिल याचिकाओं के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने जांच की निगरानी शुरू की। अदालत ने जांच टीम को अपनी रिपोर्ट बंद लिफाफे में सीधे न्यायालय में सौंपने के निर्देश दिए हैं। अंतिम रिपोर्ट को राम मंदिर ट्रस्ट की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में रखा जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है।


