लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने से सोमवार को लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी समेत 65 शहरों में बारिश हुई। तेज बारिश के चलते कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उन्नाव में गंगा एक्सप्रेस-वे धंसा: सोनिक के पास किलोमीटर 421 पर मेरठ-प्रयागराज लेन में करीब 10 मीटर सड़क धंस गई। सड़क धंसने की सूचना पर निर्माण कंपनी की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू कराया।
प्रयागराज में चार फीट तक पानी: करेली समेत कई इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। सैकड़ों कारें और बाइकें पानी में डूब गईं। कई घरों की पहली मंजिल तक पानी पहुंच गया। पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
नदियां उफान पर: गंगा-यमुना समेत प्रदेश की 10 से अधिक नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। कानपुर और उन्नाव के नदी किनारे बसे इलाकों में पानी घुस गया है। 500 से अधिक घर प्रभावित बताए गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी के उफान से कई रास्ते जलमग्न हैं।
वाराणसी में घाट डूबे: गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गईं। अस्सी घाट का आरती स्थल भी जलमग्न हो गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नावों का संचालन बंद कर दिया गया। कई छोटे मंदिर भी पानी की चपेट में हैं।
फर्रुखाबाद में 62 गांव बाढ़ की चपेट में: गंगा का जलस्तर 136.95 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर नीचे है। सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसील के 62 गांव प्रभावित हैं। कई गांवों में नाव और मोटरबोट से आवागमन कराया जा रहा है।
बारिश से हादसे भी: गोरखपुर में तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। शाहजहांपुर में मकान का लिंटर गिरने से चाचा और तीन वर्षीय भतीजे की मौत हुई। बाराबंकी में कच्ची दीवार गिरने से महिला की जान चली गई, जबकि कौशांबी में मकान गिरने से गर्भवती महिला घायल हुई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। सोनभद्र में पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 65.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।


