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Sunday, August 16, 2026

लाल किले से युवाओं को बड़ा संदेश: जंतर-मंतर के आंदोलन की गूंज, पीएम मोदी ने युवाओं पर लगाया पूरा जोर

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– 75 मिनट के भाषण में 52 बार युवाओं का उल्लेख; एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण
– प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट का ऐलान

नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन इस बार खास तौर पर युवा केंद्रित नजर आया। करीब 75 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने युवा और नौजवान से जुड़े शब्दों का 52 बार इस्तेमाल किया। यह जोर ऐसे समय आया है जब कुछ सप्ताह पहले दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ जेन जी केंद्रित छात्र आंदोलन नीट -यूजी पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना था।
जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में छात्रों और अभिभावकों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, जवाबदेही और महंगी कोचिंग व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए थे। आंदोलन के बढ़ने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की स्थिति बनी और आंदोलन ने देशव्यापी राजनीतिक चर्चा को प्रभावित किया।
इसी पृष्ठभूमि में लाल किले से प्रधानमंत्री का मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान खास महत्व रखता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन गया है। सरकार डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की विशेषज्ञता को जोड़कर युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करेगी।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए सबसे बड़ा नया लक्ष्य एआई स्किलिंग का रखा। उन्होंने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने का काम किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने इसे भारत के युवाओं को भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था में नेतृत्व देने की तैयारी से जोड़ा।
प्रधानमंत्री के मुताबिक देश में ढाई लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप हो चुके हैं। सरकार ने युवाओं के लिए ₹1 लाख करोड़ का इनोवेशन फंड घोषित किया है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, स्पेस सेक्टर, ड्रोन पॉलिसी और खेल नीति को भी युवाओं के लिए नए अवसरों से जोड़ा गया।
प्रधानमंत्री ने भाषण में शिक्षा क्षेत्र के विस्तार के आंकड़े भी गिनाए। उनके मुताबिक 2004-14 के दौरान देश में 350 से कम विश्वविद्यालय थे, जबकि पिछले 10-12 वर्षों में करीब 650 नई यूनिवर्सिटियां जुड़ी हैं और कुल संख्या करीब 1,000 तक पहुंच रही है। उन्होंने 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब का भी उल्लेख किया।
युवा नीति को खेल से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए गांव-गांव, शहर-शहर और स्कूल-स्कूल राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री के अनुसार ओलंपिक में लगभग 40 खेल और 325-350 स्पर्धाएं होती हैं और भारत करीब दो-तिहाई स्पर्धाओं में हिस्सा नहीं लेता या क्वालीफाई नहीं करता। सरकार का लक्ष्य 2036 के ओलंपिक की तैयारी के लिए उन खेलों पर विशेष ध्यान देना है, जिनमें भारत की भागीदारी कमजोर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत की बायोइकोनॉमी करीब 60 हजार करोड़ की थी, जो अब ₹20 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे देश की युवा शक्ति और नई नीतियों की सफलता से जोड़ा। इसी तरह 2009-10 में करीब 1.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिकने के मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में 25 लाख इवी बिक्री का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ते नशे को गंभीर चुनौती बताते हुए 100 सप्ताह के नशामुक्त भारत अभियान का आह्वान किया। उन्होंने परिवारों, स्वयंसेवकों, एनजीओ और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की।
राजनीतिक तौर पर देखें तो इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस भाषण केवल सरकारी उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण नहीं रहा। नीट पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था, महंगी कोचिंग और युवाओं की चिंता को लेकर जंतर-मंतर पर उठी आवाज के कुछ ही सप्ताह बाद प्रधानमंत्री का मुफ्त कोचिंग, एआई प्रशिक्षण और नई पीढ़ी के लिए अवसरों पर विशेष जोर देना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक-सामाजिक संकेत माना जा सकता है। हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जंतर-मंतर आंदोलन का नाम लेकर उसका उल्लेख नहीं किया।
लाल किले से संदेश साफ था,2047 के विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत युवा होंगे और सरकार अब शिक्षा, तकनीक, उद्यमिता और खेल के जरिए नई पीढ़ी को अवसर देने पर अपना फोकस बढ़ाना चाहती है।

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