स्वतंत्रता दिवस पर विधान भवन के समक्ष राजकीय समारोह में शौर्य चक्र और वीर चक्र विजेताओं समेत शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक विधान भवन के समक्ष आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की रक्षा और सम्मान के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले वीर सैनिकों तथा शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों और उनके परिवारों का सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
समारोह में मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद लेफ्टिनेंट हरी सिंह बिष्ट की माता शांति बिष्ट और शौर्य चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल अमित मोहिंद्रा के पिता एचएस मोहिंद्रा को सम्मानित किया गया। शौर्य चक्र विजेता कर्नल भरत सिंह तथा वीर चक्र से सम्मानित शहीद नायक राजा सिंह की पौत्रवधू राजेश्वरी देवी को भी मुख्यमंत्री ने सम्मान प्रदान किया।
ऑपरेशन विजय में शहीद मेजर रितेश शर्मा के पिता सत्य प्रकाश शर्मा, वायुयान दुर्घटना में शहीद एनसी पुताली के भाई मुन्नी लाल, ऑपरेशन रक्षक में शहीद नायक अरुण कुमार त्रिपाठी के पिता हवलदार ओमप्रकाश त्रिपाठी तथा नौसैन्य अभियान में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव की माता प्रजेश यादव को भी सम्मानित किया गया।
ऑपरेशन पवन में शहीद राजवीर सिंह की पत्नी सुमन देवी, ऑपरेशन रक्षक में शहीद सिगनलमैन हर्षवर्धन सिंह की पत्नी शमा देवी, सेना मेडल से सम्मानित राजपूत रेजीमेंट के हवलदार पंकज सिंह की पत्नी शक्ति सिंह तथा सेना मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर प्रभांशु सिंह के बड़े भाई प्रांजल सिंह को भी सम्मान मिला।
इसके अतिरिक्त सीआरपीएफ के शहीद रक्षा राम की पत्नी सीता सुंदरी, शहीद दिवाकर तिवारी की पत्नी संतोष तिवारी और लांस नायक शहीद बचान सिंह की पत्नी मुन्नी देवी को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
स्वतंत्रता दिवस के इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदों के परिजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की आजादी और सुरक्षा की कीमत समझना तथा बलिदानी परिवारों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देना हम सभी का दायित्व है।
विधान भवन के सामने तिरंगे की शान और वीर परिवारों का सम्मान,स्वतंत्रता दिवस समारोह ने एक बार फिर याद दिलाया कि देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के पीछे अनगिनत वीरों का त्याग और बलिदान जुड़ा है।


