कानपुर। फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराने के मामले में कानपुर के छह वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि संबंधित अधिवक्ताओं ने पंजीकरण के लिए फर्जी डिग्री अथवा शैक्षिक प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया।
बताया जा रहा है कि पंकज कुमार की ग्रेजुएशन की मार्कशीट, जबकि कमरुद्दीन और विकास राजपूत की डिग्री जांच में फर्जी पाई गई। इसके अलावा अनीता जैन और जय नारायण कटियार के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। वहीं प्रवीण सक्सेना की 12वीं की मार्कशीट को भी फर्जी बताया गया है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए वकालत में पंजीकरण कराने के मामलों की जांच के दौरान यह कार्रवाई सामने आई है। मामले में पुलिस और संबंधित बार संस्थाओं द्वारा दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है।
फर्जी डिग्री के आधार पर वकालत करने के आरोपों को लेकर प्रयागराज में भी कार्रवाई तेज हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रयागराज में अब तक करीब 45 कथित फर्जी वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश स्तर पर ऐसे मामलों में करीब 100 अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है।
फर्जी डिग्री के आधार पर न्यायालय में वकालत करने का मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इससे न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सीधा असर पड़ता है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि संबंधित दस्तावेज किस संस्थान से जारी बताए गए, उनका इस्तेमाल किस प्रक्रिया में हुआ और पंजीकरण के दौरान सत्यापन में चूक कैसे हुई।
पुलिस की जांच और दस्तावेजों के आधिकारिक सत्यापन के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।


