नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में अपने भाषण के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। खड़गे ने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सभा को संबोधित करने के बाद उसी मंच पर कुछ लोगों ने हवन और शुद्धिकरण किया। उन्होंने इसे छुआछूत और अपमान से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।
खड़गे ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ कोई बात नहीं कही थी, बल्कि जनता की समस्याओं को उठाया था। उन्होंने कहा, “मुझमें लड़ने की ताकत है, मैं लड़ता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी संसद में अपनी मदद के लिए यह नहीं कहा कि वह अनुसूचित जाति या दलित हैं।
नेता सदन जेपी नड्डा ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि भाजपा छुआछूत जैसी किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। उन्होंने खड़गे द्वारा मामला उठाए जाने के बाद जांच का भरोसा दिया। राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी छुआछूत की निंदा करते हुए आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही।
इसी दिन राज्यसभा ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को विपक्ष की आपत्तियों के बीच मतदान के बाद पारित कर दिया। लोकसभा इसे एक दिन पहले ही पारित कर चुकी थी। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बनेगा।
इसके साथ ही संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने के बाद समाप्त हो गया। दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।


