दमिश्क। सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ बड़ा फैसला आया है। एक अदालत ने गृहयुद्ध के दौरान हत्या और अत्याचार के मामलों में उन्हें फांसी की सजा सुनाई है। उनके छोटे भाई माहेर अल-असद और ममेरे भाई अतीफ नजीब को भी दोषी ठहराते हुए मौत की सजा दी गई है।
बशर और माहेर दिसंबर 2024 में सरकार गिरने के बाद रूस चले गए थे, इसलिए दोनों को गैरमौजूदगी में सजा सुनाई गई। वहीं, अतीफ नजीब को मंगलवार को कैदी की वर्दी में पिंजरे के अंदर अदालत में पेश किया गया।
अतीफ 2011 में दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा शाखा के प्रमुख थे। उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश देने का आरोप है। इसी कार्रवाई के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हुआ और सीरिया लंबे गृहयुद्ध में चला गया। 2011 से 2024 के बीच संघर्ष में करीब पांच लाख लोगों की मौत होने का अनुमान है।
53 साल पुराना असद शासन 2024 में हुआ खत्म
दिसंबर 2024 में विद्रोही गुटों ने राजधानी दमिश्क पर कब्जा कर बशर अल-असद की सरकार गिरा दी थी। इसके साथ ही सीरिया में असद परिवार का करीब 53 साल पुराना शासन समाप्त हो गया। सरकार गिरने से पहले बशर अल-असद अपने परिवार के साथ रूस चले गए, जहां उन्हें शरण मिली।
नई सरकार ने असद शासन के दौरान हुए कथित हत्याकांड और अत्याचारों की जांच शुरू की। उसी जांच के तहत अब पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद, उनके भाई माहेर और अतीफ नजीब के खिलाफ यह कठोर फैसला सुनाया गया है।


