118 कार्यों को मिली प्राथमिकता
फर्रुखाबाद। ग्राम्य विकास विभाग के निर्देश पर विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 को लेकर मंगलवार को जिला स्तरीय पंचायत सम्मेलन आयोजित किया गया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में जनपद के ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों और पंचायतों की भूमिका के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
विकास भवन के सभागार में आयोजित सम्मेलन में जिलाधिकारी,मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान अधिनियम के विजन एवं उद्देश्य, पंचायत राज संस्थाओं की भूमिका, विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं की तैयारी, परिवारों का पंजीकरण एवं ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने समेत विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत श्रमिक परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। श्रमिकों की प्रतिदिन मजदूरी 300 रुपये निर्धारित की गई है। योजना के तहत कुल 118 कार्यों को शामिल किया गया है, जिनमें जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवस्थापना और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से गांव की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने और विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चकरोड और तालाबों से अवैध कब्जे हटाकर निर्माण कार्य शुरू कराने तथा ऐसे नवाचार करने पर जोर दिया, जो दूसरे गांवों के लिए उदाहरण बन सकें।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने कहा कि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण श्रमिक परिवारों को अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे। जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी ने प्रशिक्षण के दौरान कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही।


