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Tuesday, August 11, 2026

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: गुमशुदगी की सूचना पर तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होगी

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बच्चा हो या वयस्क, महिला हो या पुरुष,‘व्यक्ति’ शब्द सभी पर लागू; आदेश नहीं मानने पर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुमशुदा लोगों के मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने पर पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होगी। यह निर्देश केवल बच्चों के मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उम्र और लिंग की परवाह किए बिना हर गुमशुदा व्यक्ति पर लागू होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश की व्याख्या करते हुए कहा कि उसमें इस्तेमाल किया गया ‘व्यक्ति’ शब्द केवल बच्चों तक सीमित नहीं माना जा सकता। यानी यदि कोई बच्चा, महिला, पुरुष या कोई अन्य वयस्क लापता होता है और पुलिस को इसकी सूचना दी जाती है तो पुलिस के लिए तत्काल एफआईआर दर्ज करना आवश्यक होगा।
कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि गुमशुदगी की सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई में उम्र या लिंग के आधार पर अंतर नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले दिए गए निर्देश का उद्देश्य प्रत्येक लापता व्यक्ति को पुलिस की तत्काल कार्रवाई के दायरे में लाना है।

इसका मतलब यह है कि किसी वयस्क के लापता होने पर भी पुलिस केवल गुमशुदगी दर्ज करके मामले को लंबित नहीं रख सकती, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार एफआईआर दर्ज कर कानूनी जांच की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि यदि संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश कोर्ट के निर्देशों का पालन करने में विफल रहते हैं तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है।
कोर्ट का यह रुख ऐसे मामलों में पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुमशुदगी के मामलों में शुरुआती समय को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए तत्काल पुलिस कार्रवाई से लापता व्यक्ति की तलाश और संभावित अपराध की जांच जल्द शुरू हो सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके सदस्य अचानक लापता हो जाते हैं और पुलिस कार्रवाई में देरी की शिकायत सामने आती रही है। अब पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामले को शुरुआती स्तर पर ही गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज करनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का सीधा संदेश है,गुमशुदा व्यक्ति की उम्र, लिंग या पहचान चाहे जो हो, पुलिस की जिम्मेदारी समान रहेगी और सूचना मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करनी होगी।

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