अमृतपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने प्रशासन से अस्थायी अंत्येष्टि स्थल चिह्नित करने की उठाई मांग
अमृतपुर,
गंगा में आई बाढ़ ने अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गंगा पार गांवों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है। आवागमन के रास्ते बाधित होने, गांवों के आसपास पानी भरने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में दिक्कत के बीच अब ग्रामीणों के सामने मृत परिजनों के अंतिम संस्कार की समस्या भी खड़ी हो गई है। गंगा किनारे स्थित पारंपरिक अंत्येष्टि स्थलों तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण ग्रामीणों को वैकल्पिक स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य दिनों में गंगा किनारे पहुंचकर पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार किया जाता है, लेकिन वर्तमान में बाढ़ के कारण नदी किनारे के कई स्थान जलमग्न हैं। रास्तों में पानी भर जाने से शव को गंगा किनारे तक ले जाना भी कठिन हो गया है। ऐसी स्थिति में किसी परिवार में मृत्यु होने पर परिजनों की परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रामीण मुकेश, प्रदीप, अंकित, शिवम और मोहित का कहना है कि बाढ़ के समय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ ऐसी मानवीय जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं होता, तब तक प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षित एवं अस्थायी अंत्येष्टि स्थल की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि किसी परिवार को अंतिम संस्कार के लिए सड़क किनारे या असुरक्षित स्थान तलाशने की मजबूरी न हो।ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण कई गांवों में आवागमन बाधित है। घरों के आसपास पानी भरने से सुरक्षित स्थान पर रहना चुनौती बना हुआ है। पशुपालकों के सामने पशुओं को सुरक्षित रखने तथा चारे-पानी की व्यवस्था करने की भी समस्या है। ऐसे हालात में किसी परिवार में मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना बेहद कठिन हो जाता है।ग्रामीणों के अनुसार गंगा किनारे जाने वाले रास्ते और वहां के कई स्थान जलमग्न होने के कारण फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग से सटी कुटिला झील के पास स्थित भोले बाबा मंदिर के निकट सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने की स्थिति सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह किसी की पसंद नहीं, बल्कि बाढ़ से पैदा हुई मजबूरी है। इससे प्रभावित परिवारों को सामाजिक एवं भावनात्मक परेशानी के साथ-साथ असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों की समस्या को लेकर एडीओ पंचायत अजीत पाठक से संपर्क कर प्रशासन की ओर से वैकल्पिक अंत्येष्टि स्थल की व्यवस्था और इस संबंध में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में प्रशासन की ओर से तत्काल क्या व्यवस्था की जा रही है, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी।


