प्लास्टर टूटकर गिरने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा, बीईओ ने कहा—टेक्निकल मुआयना के बाद होगा फैसला
अमृतपुर: विकास क्षेत्र राजेपुर के संविलियन विद्यालय अमृतपुर का पुराना भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। बारिश के दौरान विद्यालय की छतों से पानी टपकने के साथ कई स्थानों पर छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। ऐसे में विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजीत कुमार ने भवन की जर्जर स्थिति से खंड शिक्षा अधिकारी, विकास क्षेत्र राजेपुर को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाध्यापक की ओर से दिए गए पत्र में बताया गया है कि विद्यालय के मूल भवन का निर्माण वर्ष 1987 में कराया गया था। इसके बाद अलग-अलग समय पर विद्यालय में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण भी कराया गया।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्तमान में अधिकांश कक्षा-कक्ष जर्जर अवस्था में हैं। बारिश होने पर छत से पानी टपकने लगता है, जबकि कई स्थानों पर छत का प्लास्टर भी टूटकर नीचे गिर रहा है। इससे कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंता बनी हुई है।प्रधानाध्यापक ने अधिकारियों से विद्यालय भवन का शीघ्र भौतिक निरीक्षण एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही जर्जर कक्षा-कक्षों की स्थिति के अनुसार मरम्मत, जीर्णोद्धार अथवा आवश्यक अन्य कार्रवाई कराए जाने का अनुरोध किया गया है, ताकि विद्यालय में बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी राजेपुर राजीव कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि बरसात को देखते हुए पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि जर्जर भवन से प्रधानाध्यापक और बच्चे दूर रहें तथा बच्चों को जर्जर कक्षा-कक्षों में न बैठाया जाए।
उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन का टेक्निकल मुआयना कराया जाएगा। जांच के बाद यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित कमरे पूरी तरह जर्जर हैं अथवा उनकी मरम्मत कराई जा सकती है। तकनीकी जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


