– 50 बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत किट
– शरणालय में भोजन-पानी से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक परखी
फर्रुखाबाद। नरौरा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने जनपद में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। हालात को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर स्वयं मैदान में उतर गईं। शनिवार को उन्होंने कायमगंज तहसील के शमसाबाद विकासखंड के बाढ़ प्रभावित अजीजाबाद, मंडी शमसाबाद स्थित शरणालय स्थल और ढाईघाट का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।
डीएम ने सबसे पहले बाढ़ प्रभावित अजीजाबाद पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा जरूरतों की जानकारी ली। मौके पर ही उन्होंने 50 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री, खाद्यान्न, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम ने बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी को गांव में नियमित रूप से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक तीन दिन के अंतराल पर चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों के साथ-साथ उनके पशुओं को भी समय से उपचार मिल सके।
वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि शिक्षकों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित गांव के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने दी जाए और उनका अध्ययन कार्य जारी रखा जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने शमसाबाद मंडी में संचालित शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध भोजन, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता, शौचालय, चिकित्सा एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शरणालय में साफ-सफाई लगातार बनी रहे और यहां आने वाले प्रभावित लोगों को समय से भोजन, पानी तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम ने अधिकारियों से गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी के साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने नावों, नाविकों, राहत एवं बचाव उपकरणों तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली।
निरीक्षण के अगले चरण में जिलाधिकारी ढाईघाट, शमसाबाद पहुंचीं और गंगा नदी के जलस्तर तथा आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आपात स्थिति सामने आने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी जाए।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि बाढ़ की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी कायमगंज, खंड विकास अधिकारी शमसाबाद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


