नई दिल्ली। संसद के हंगामेदार मानसून सत्र के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के 45 सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक कर उन्हें राजनीतिक आचरण और जनता से जुड़ाव का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि सदन के भीतर बने तनाव और चिंता को बाहर लेकर जाने की जरूरत नहीं है। हर मुद्दे पर संयम और गरिमा के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों को टेलीविजन पर अनावश्यक बयानबाजी से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर गुस्से में बोलने या चिल्लाने की आवश्यकता नहीं है। सांसद पार्टी की नीति और विचारधारा से परिचित हैं, इसलिए अपनी बात शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से जनता के सामने रखें।प्रधानमंत्री ने सांसदों को युवाओं से सीधे जुड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने सामाजिक माध्यमों पर सक्रिय रहने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने की सलाह दी। साथ ही युवाओं को खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
बैठक में एनडीए के विभिन्न घटक दलों और अलग हुए राजनीतिक गुटों के सांसद भी शामिल हुए। बैठक के बाद नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता जगदीश बसुनिया ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एनडीए की सामूहिक पहचान पर जोर देते हुए इसे एक परिवार बताया। उन्होंने सांसदों से जनहित के मुद्दों पर मिलकर काम करने और गठबंधन की एकजुटता को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे और विपक्षी विरोध के कारण सुर्खियों में है। ऐसे में सांसदों को संयम, शालीनता और जनता से सीधे संवाद का दिया गया संदेश राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।


