मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) की देवेंद्र फड़णवीस सरकार (Devendra Fadnavis government) ने राज्य में आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के गृह विभाग ने 6 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के अंतर्गत आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 प्रकाशनों, पत्रिकाओं, पुस्तकों, दस्तावेजों और डिजिटल प्रचार सामग्री को जब्त (Forfeit) घोषित कर दिया है।
सरकार के अनुसार, मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की खुफिया रिपोर्ट, साइबर सर्विलांस और विभिन्न जांचों में सामने आया कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की प्रचार सामग्री अब भी सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, एन्क्रिप्टेड चैनलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित की जा रही थी। ATS के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च 2026 को राज्य सरकार को इन प्रकाशनों को जब्त करने की सिफारिश की थी।
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, इन प्रकाशनों में हिंसक उग्रवाद और जिहाद का महिमामंडन किया गया है। साथ ही युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने, आतंकी संगठनों में भर्ती के लिए प्रेरित करने तथा भारत की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री प्रकाशित की गई है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन प्रकाशनों का प्रकाशन, वितरण, बिक्री, प्रदर्शन, संग्रहण, कब्जा या डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना सार्वजनिक व्यवस्था, राज्य की सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए इनकी सभी भौतिक और डिजिटल प्रतियों को तत्काल प्रभाव से सरकार के पक्ष में जब्त घोषित किया गया है।


