लखनऊ
अलीगंज अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को अवमानना नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत ने उन्हें विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने का आदेश दिया है और पूछा है कि न्यायालय के आदेशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी नियोजन कानूनों और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय के एमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि जिस चार मंजिला इमारत में आग लगी थी, उसे 10 मई 2016 को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, LDA ने 5 जुलाई 2016 को तकनीकी आधार पर अपना ही आदेश वापस ले लिया और इसके बाद वर्षों तक भवन के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के चलते 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की जान चली गई। कोर्ट ने इस तथ्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होती तो इस दुखद घटना को टाला जा सकता था।
अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि हादसे के बाद LDA ने संबंधित भवन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 25 जुलाई 2026 को उसे ध्वस्त कर दिया, लेकिन यह कदम दुर्घटना के 32 दिन बाद उठाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि हादसे से पहले भी भवन के खिलाफ पर्याप्त कानूनी आधार मौजूद थे, फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने रिकॉर्ड के आधार पर कहा कि मास्टर प्लान में निर्धारित भूमि उपयोग (लैंड यूज) का खुला उल्लंघन हुआ और संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता ने इस त्रासदी को जन्म दिया। अदालत ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने 25 मार्च 2026 के अपने आदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि इस मामले का दायरा पूरे देश तक बढ़ाया जा चुका है और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाया गया है। अदालत का मानना है कि राजधानी शहरों में मास्टर प्लान, भवन उपविधियों और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना राष्ट्रीय महत्व का विषय है। मामले की प्रमुख घटनाओं में 10 मई 2016 को भवन गिराने का आदेश, 5 जुलाई 2016 को आदेश वापस लिया जाना, 22 जून 2026 को अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत, 23 जून 2026 को SIT का गठन, 25 जुलाई 2026 को भवन का ध्वस्तीकरण और 6 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा LDA उपाध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब किया जाना शामिल है। अब अगली सुनवाई में अदालत SIT की रिपोर्ट और अधिकारियों की जवाबदेही पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।


