बलिया: बलिया जनपद की रसड़ा सीट से BSP विधायक (MLA) उमा शंकर सिंह की दिल्ली (Delhi) में इलाज के दौरान मौत की खबर लगते ही विधान सभा सहित जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। उमाशंकर सिंह पिछले दो साल से कैंसर से पीड़ित थे। उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। वे बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक थे। बसपा के कद्दावर नेताओं में उमाशंकर सिंह गिनती होती थी।। रसड़ा विधान सभा में सामान्य सीट होने पर रसड़ा विधायक बने। वो लगातार तीन बार रसड़ा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
एक बार उनकी विधायकी एक पद पर रहते हुए दो लाभ लेने पर उनकी विधायकी खत्म हुईं थी, लेकिन इसके बाद उनका विधायकी पुनः बहाल हो गई थीं। सर्व प्रथम 2012 में होने सामान्य सीट होने पर बसपा से बंपर वोट से चुनाव जीते। उसके बाद 2022 चुनाव में बसपा के एकलौते विधायक बन कर इतिहास लिखा था। उनके 251 शादी कराने के बाद प्रदेश में चर्चा में विधायक उमाशंकर सिंह ने पुनः 351 जोड़ो की शादी कराकर विधान सभा सहित प्रदेश में चर्चा का विषय बने। विधान क्षेत्र सहित जनपद के बाहर समाज सेवा में कार्य कर अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सोशल मीडिया एक्स पर शोक संवेदना जाहिर की है। उन्होंने लिखा- ‘मेरे गृह जिले बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाली है। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जनसेवा और क्षेत्र के विकास में जो योगदान दिया, उसे सदा सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा। उनका निधन सामाजिक और राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को दिव्य चरणों में स्थान मिले और शोक संतप्त परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति मिले। ओम शांति। विनम्र श्रद्धांजलि।’
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़, जनसेवा और संगठन के प्रति निष्ठा के लिए विशेष पहचान रखते हैं। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब बसपा का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा, तब उमाशंकर सिंह ने रसड़ा विधानसभा सीट से शानदार जीत दर्ज कर पार्टी का विधानसभा में खाता खोला। वह उस चुनाव में बसपा के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले इकलौते विधायक बने। इसके बाद पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें बसपा विधायक दल का नेता भी बनाया।


