सुबह से लगी लाभार्थियों की भीड़, काम के लिए भटकते रहे बुजुर्ग और महिलाएं
वरिष्ठ सहायक गीता बाबू पर ₹5 हजार मांगने के आरोप
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महिलाओं के सामने गुटखा खाते आए नजर
फर्रुखाबाद। विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी यादव के कार्यालय में बुधवार को अव्यवस्था और लाभार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। पारिवारिक लाभ योजना, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी सुबह से कार्यालय के बाहर खड़े रहे। कई लोगों ने आरोप लगाया कि समय पर कार्य न होने के कारण उन्हें बार बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बताना जरूरी है कि पारिवारिक लाभ योजना की फाइल आगे बढ़ाने के लिए वरिष्ठ सहायक गीता बाबू की ओर से ₹5 हजार की मांग की जाती है। और वह कहती है कि यह पैसा ऊपर अधिकारी को नहीं जाएगा तो काम नहीं होगा। आरोप है कि पैसा नहीं देने पर फाइलों में कमी निकाल दी जाती है या उन्हें लंबित कर दिया जाता है। कुछ लाभार्थियों ने यह भी दावा किया कि विभिन्न ब्लॉकों में दलाल सक्रिय हैं, जो आवेदनकर्ताओं से पैसा लेकर कार्यालय तक पहुंचाते हैं।
कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संजय सिंह भी कार्यालय परिसर में गुटखा खाते दिखाई दिए।नवदिया निवासी चाहिता पत्नी नन्हे ने आरोप लगाया कि वह करीब एक वर्ष से पारिवारिक लाभ योजना का लाभ पाने के लिए लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनका कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ। उनका कहना है कि बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही, गीता पबाबू वर्षों से इसी पटल पर कार्यरत हैं, लेकिन आज तक उनका पटल नहीं बदला गया। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं मुख्य विकास अधिकारी का कार्यालय भी इसी भवन में होने के बावजूद लाभार्थियों की शिकायतों और रोज लगने वाली भीड़ का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बुधवार को पूर्व अधीक्षक संतोष कुमार, जिनका तबादला कानपुर हो चुका है, भी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह विभागीय चार्ज देने आए हैं।
लाभार्थियों के आरोपों, मौके की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों ने समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता है या नहीं।


