– जिलाध्यक्ष पर उठे कई सवाल, लगाये गए आरोप
– महानगर अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष मे तनातनी चर्चा का विषय
– बीजेपी मे गए एक परिवार के करीबी आज भी कई मजबूत सपा कार्यकर्त्ता
– न बीजेपी के और न सपा के वो नेता सिर्फ पैसा कमाने मे जुटे
फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी की जिला इकाई में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सोशल मीडिया पर भी सामने आने लगी है। संगठन के भीतर अलग-अलग नेताओं के प्रभाव वाले गुट सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।वहीँ
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जिले में पार्टी कई गुटों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम फारूखी, डॉ सुबोध यादव, डॉ.नवल किशोर शाक्य सहित अन्य नेताओं के अलग-अलग समर्थक सक्रिय हैं। वहीं जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के बीच मतभेद की चर्चाएं भी लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में होती रही हैं।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तो यहां है की कभी सपा का बेहद करीबी चर्चित राजनैतिक परिवार जब पैसा कमाने की जुगत में भारतीय जनता पार्टी में कदमताल कर रहा है वह अपने करीब ठेके देने के नाम पर समाजवादी पार्टी की कई बड़े चेहरों को किए है हालांकि वो न बीजेपी के हो सके, और न कभी सपा के रहे,बस दोनों ही दलों को बधिया करने में जरूर जुटे हैं।
उधर लोक सभा के पूर्व प्रत्याशी डॉक्टर नवल किशोर साथ खुद को हमेशा ही किसी भी गुटबाजी से दूर रखते रहे उनका सीधा मानना पार्टी की मजबूती से है और वह स्थानीय खींच तान से भी अपने को दूर रखते हैं।
इसी बीच कायमगंज विधानसभा अध्यक्ष सोमेन्द्र यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी गई अपनी शिकायत में जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के बजाय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिलाध्यक्ष को पद से हटाया जाए।
जिला अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव पर निशाना साधते हुए खुले तौर पर कायमगंज सपा विधानसभा अध्यक्ष की हैसियत से सोमेन्द्र यादव ने अपनी शिकायत में यह आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान संगठनात्मक स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि प्रत्याशी से आर्थिक अनियमितता हुई तथा काउंटिंग एजेंटों के चयन में भी गड़बड़ियां की गईं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जिले में पार्टी की अंदरूनी कलह विपक्षी दलों के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि संगठनात्मक विवाद जल्द नहीं सुलझा तो आगामी चुनावों में इसका असर पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। इस संबंध में जिला अध्यक्ष डॉक्टर चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि आरोप निराधार है मैं पार्टी के सच्चे सिपाही है और पार्टी हित के लिए अपने काम में लगे हुए हैं।


