मीडिया को बाहर जाने का इशारा, परमहंस बोले— ‘चंपत राय युग ऋषि हैं, अंतिम सांस तक अयोध्या नहीं छोड़ेंगे’
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बुधवार को अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने जगद्गुरु परमहंस आचार्य से मुलाकात की। दोनों के बीच लगभग 30 मिनट तक बंद कमरे में विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मीडिया के पहुंचने पर चंपत राय ने इशारे से पत्रकारों को कमरे से बाहर जाने का अनुरोध किया, जिसके बाद बातचीत निजी रूप से जारी रही।
इस मुलाकात को अयोध्या के धार्मिक और सामाजिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बंद कमरे में हुई चर्चा के विषय में दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, जिससे बैठक को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
बैठक समाप्त होने के बाद परमहंस आचार्य ने मीडिया से बातचीत में चंपत राय की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “चंपत राय युग ऋषि हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण और अयोध्या के विकास के लिए समर्पित कर दिया है। ऐसे व्यक्तित्व विरले ही देखने को मिलते हैं।”
परमहंस आचार्य ने आगे कहा कि “चंपत राय अंतिम सांस तक अयोध्या छोड़कर नहीं जाएंगे। उनका जीवन श्रीराम जन्मभूमि और अयोध्या की सेवा के लिए समर्पित है।” उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक चंपत राय की भूमिका ऐतिहासिक रही है और उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
हाल के दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस मुलाकात को विशेष महत्व दिया जा रहा है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि दोनों के बीच किन विषयों पर चर्चा हुई, लेकिन माना जा रहा है कि श्रीराम मंदिर, अयोध्या के विकास तथा वर्तमान परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ होगा। इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के लोगों की नजर अब इस बात पर है कि इस मुलाकात के बाद आगे क्या निर्णय या बयान सामने आते हैं। फिलहाल परमहंस आचार्य के चंपत राय के समर्थन में दिए गए बयान ने इस मुलाकात को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।


