कुशीनगर
जिले के कसया थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। ढाबा संचालक से कथित अनुचित मांग, मारपीट, एक युवती के अपहरण और छेड़छाड़ के आरोप में दोनों सिपाहियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी को जांच सौंपी गई है।
शिकायत के अनुसार, गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के बेतियाहाता निवासी पप्पू सिंह कसया में ढाबा संचालित करते हैं। उनका आरोप है कि सोमवार रात कसया थाने में तैनात सिपाही उमाशंकर यादव ने उन्हें फोन कर जरूरी काम का हवाला देते हुए रामजानकी मंदिर मठ बुलाया। वहां एक अन्य सिपाही महेंद्र और वाहन चालक भी मौजूद थे। पप्पू सिंह का आरोप है कि वहां उनसे कथित अनुचित मांग की गई और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी कथित रूप से उनके दूसरे ढाबे और आवास पर पहुंचे, जहां मजदूरों तथा अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि देर रात दोनों सिपाही आवास में जबरन घुसे और हंगामा किया। शोर सुनकर पहुंचीं दो बहनों के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। इसके बाद 22 वर्षीय एक युवती को कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले जाया गया और लगभग तीन घंटे बाद उसे वापस छोड़ दिया गया। युवती की बहन की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण, छेड़छाड़ तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद देर रात दोनों आरोपित सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपित पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें तत्काल निलंबित कर विभाग से बर्खास्त किए जाने की संस्तुति भी भेजी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषी पाए जाने पर किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।


