– सेशन कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी
लखनऊ। अमेरिकी नागरिकों के साथ करोड़ों रुपये की कथित साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार 42 आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। लखनऊ की सेशन कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इनमें प्रमुख रूप से शांतनु नंदी, अभिषेक और संजय सिंह सहित अन्य आरोपी शामिल हैं।
यह मामला राजधानी के एक व्यावसायिक परिसर समिट बिल्डिंग में संचालित किए जा रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिकी नागरिकों को फोन कर खुद को विभिन्न कंपनियों या तकनीकी सहायता सेवा का प्रतिनिधि बताकर उनसे धोखाधड़ी करते थे। कथित तौर पर तकनीकी सहायता, बैंकिंग सुरक्षा और अन्य बहानों से लोगों से बड़ी रकम वसूली जाती थी।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए समिट बिल्डिंग में छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, कॉलिंग उपकरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे। जांच में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ धोखाधड़ी, साइबर अपराध और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामला अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़ा है और जांच अभी जारी है। अभियोजन ने आशंका जताई कि आरोपियों को जमानत मिलने पर वे साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं या जांच को प्रभावित कर सकते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सेशन कोर्ट ने सभी 42 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
जांच एजेंसियां अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े वित्तीय लेनदेन तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।


