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Monday, August 3, 2026

मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के बीच में महिला शिवभक्त ने दिया जुड़वां बेटों को जन्म, SSP ने रखा ‘गणेश-कार्तिकेय’ नाम

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मुजफ्फरनगर: श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के बीच सोमवार को मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में ऐसा अद्भुत और भावुक प्रसंग सामने आया, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव की असीम कृपा और चमत्कारी आशीर्वाद के रूप में देख रहे हैं। हरिद्वार (Haridwar) से पवित्र गंगाजल लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करने निकली गर्भवती शिवभक्त नेहा की कांवड़ यात्रा उस समय जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में बदल गई, जब उसने जिला महिला चिकित्सालय में जुड़वां बेटों को जन्म दिया। आस्था की इस यात्रा में मानो भोलेनाथ ने उसे मातृत्व का दोगुना प्रसाद दे दिया।

दिल्ली निवासी नेहा अपने पति अनुराग के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकली थीं। परिवार की सुख-समृद्धि और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा के साथ वह लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थीं। सोमवार सुबह जैसे ही उनकी कांवड़ मुजफ्फरनगर पहुंची, उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। साथ चल रही महिला कांवड़ियों ने मानवता और सेवा का परिचय देते हुए उन्हें तत्काल जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया।

सुबह करीब 9:15 बजे अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बिना किसी देरी के उन्हें भर्ती कर लिया। लगभग दो घंटे तक चले उपचार के बाद सुबह 11:15 बजे नेहा ने सुरक्षित रूप से जुड़वां बेटों को जन्म दिया। अस्पताल में जैसे ही दोनों नवजातों की किलकारी गूंजी, पूरा माहौल खुशी और भावुकता से भर गया। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मरीजों और परिजनों ने इस पल को ईश्वर की विशेष कृपा बताया।

जन्म के बाद दोनों नवजातों को सांस लेने में हल्की परेशानी होने पर उन्हें स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों बच्चों की हालत स्थिर है और मां नेहा भी पूरी तरह स्वस्थ हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे।

उन्होंने मां और दोनों नवजातों के लिए कपड़े, फल एवं उपहार भेंट किए और चिकित्सकों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव के दोनों पुत्रों के नाम पर जुड़वां बच्चों का नाम ‘गणेश’ और ‘कार्तिकेय’ रखा। नामों की घोषणा होते ही अस्पताल तालियों की गूंज से भर उठा और उपस्थित लोगों ने इसे भोलेनाथ के आशीर्वाद का प्रतीक बताया।

श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान शिव को जल अर्पित करने निकली एक मां को उसी यात्रा में दो पुत्रों का आशीर्वाद मिलना साधारण घटना नहीं, बल्कि श्रावण मास की दिव्य महिमा और भोलेनाथ की कृपा का अद्भुत उदाहरण है। कांवड़ यात्रा के दौरान घटी यह घटना अब पूरे क्षेत्र में आस्था, सेवा और भगवान शिव की अनुकंपा की प्रेरणादायक कहानी बन गई है।

 

 

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