नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में फरवरी 2020 में हुए दंगे में IB अधिकारी अंकित शर्मा (Ankit Sharma) की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। ताहिर के साथ ही अदनान, जावेद, नाज़िम और कासिम को भी उम्रकैद हुई है। इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज प्रवीण कुमार ने अंकित शर्मा हत्या मामले में ताहिर हुसैन, अदनान, जावेद, नाजिम और कासिम को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने ताहिर को IPC की धाराओं 302, 188, 153, 153A, 147, 149 और 365 के तहत दोषी ठहराया था।
कोर्ट ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का दोषी ठहराया था। वहीं, 11 आरोपियों में से 6 को बरी कर दिया गया था। आज कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अंकित को जानवरों की तरह मारा गया। मारने के बाद भी शव को नाले में फेंका गया। दोषियों के परिवार ने आश्रित होने की बात कहकर सजा कम करने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा ऑफिस से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आए। परिवार उनकी तलाश कर रहा था, तभी लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अगले दिन सुबह पुलिस ने नाले से उनका शव बरामद किया था।
रविंदर कुमार का आरोप था कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उनके साथियों ने की। शिकायत के अनुसार, आरोपी ताहिर हुसैन के ऑफिस में इकट्ठा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को नाले में फेंक दिया।


