नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपने खीरे की व्यावसायिक खेती के लिए अपनी ही मंत्रालय के अधीन संचालित योजना से प्राप्त 99 लाख की सब्सिडी वापस कर दी है। इसकी जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के प्रश्न के उत्तर में बताया कि भागीरथ चौधरी ने संबंधित बैंक को सब्सिडी राशि लौटा दी है। बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह यह राशि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड को वापस हस्तांतरित करे।
यह मामला तब चर्चा में आया था जब सामने आया कि भागीरथ चौधरी ने अपने 16,592 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित खीरे की व्यावसायिक खेती परियोजना के लिए NHB की योजना के तहत करीब 99 लाख की सब्सिडी प्राप्त की थी। यह योजना कृषि मंत्रालय के अधीन संचालित मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर का हिस्सा है, जिसके तहत परियोजना लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 करोड़) तक अनुदान दिया जाता है।
संसद में सरकार ने यह भी बताया कि मौजूदा एनएचबी योजना के दिशा-निर्देशों में जनप्रतिनिधियों या सार्वजनिक पदाधिकारियों के लिए हितों के टकराव या स्वयं को प्रक्रिया से अलग रखने संबंधी कोई विशेष प्रावधान नहीं है।


