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Wednesday, July 29, 2026

न्यूरोसर्जरी की दुनिया का बड़ा नाम: प्रो. (डॉ.) राज कुमार

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डॉ अरविन्द कटियार
चिकित्सा जगत में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपने कार्य, शोध और सेवा के माध्यम से एक अलग पहचान स्थापित करते हैं। ऐसे ही प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन हैं प्रो. (डॉ.) राज कुमार, जिन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका एक पृष्ठीय प्रोफाइल ही उनकी दशकों की उपलब्धियों की गवाही देता है।
वर्तमान में प्रो. (डॉ.) राज कुमार राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स ), रांची के डायरेक्टर-कम-सीईओ रहे । इससे पहले वे एसजीपीजीआई, लखनऊ में न्यूरोसर्जरी विभाग के संस्थापक प्रमुख एवं एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख रहे हैं। इसके अलावा वे यूनाइटेड नेशन अफेयर्स तथा वर्ल्ड कबड्डी फेडरेशन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
उनका प्रशासनिक अनुभव भी अत्यंत समृद्ध रहा है। वे एम्स ऋषिकेश के फाउंडर डायरेक्टर, यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैफई) के कुलपति तथा अमेरिका के रॉयल कॉलेज ऑफ फिजीशियंस एंड सर्जन्स से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
प्रो. (डॉ.) राज कुमार का वैज्ञानिक योगदान अत्यंत व्यापक है। उनके नाम 559 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं, जिनमें 31 कोविड-19 से संबंधित शोध पत्र भी शामिल हैं। उन्होंने 25 पुस्तकों और पुस्तिकाओं का लेखन एवं संपादन किया है तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सैकड़ों व्याख्यान दिए हैं।
वे अब तक करीब 10,000 जटिल न्यूरोसर्जरी ऑपरेशन कर चुके हैं। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने 69 एम.सीएच. और 22 पीडीएफ सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया है, जो देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
चिकित्सा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रो. (डॉ.) राज कुमार को 88 प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिनमें 52 राष्ट्रीय, 16 अंतरराष्ट्रीय तथा 20 शोध संबंधी सम्मान शामिल हैं। वे अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के आजीवन सदस्य भी हैं।
चिकित्सा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में सहयोग दिया तथा विभिन्न सामाजिक विषयों पर मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाए।
प्रो. (डॉ.) राज कुमार का जीवन इस बात का उदाहरण है कि समर्पण, शोध और सेवा की भावना से चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। चिकित्सक, शिक्षक, शोधकर्ता और प्रशासक के रूप में उनकी उपलब्धियां देश के युवा डॉक्टरों और चिकित्सा छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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