फर्रुखाबाद। तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे गंगा नदी के जलस्तर में बुधवार को पहली बार मामूली गिरावट दर्ज की गई। पांचाल घाट स्थित केंद्रीय जल आयोग के गेज स्टेशन पर सुबह 9:30 बजे गंगा का जलस्तर 136.20 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की कमी आई है, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह सतर्क बना हुआ है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों और गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। हालांकि बुधवार को गिरावट दर्ज की गई, लेकिन नरौरा बांध से 46,443 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते आने वाले 24 से 48 घंटों में जलस्तर दोबारा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता अभी भी बरकरार है।
जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है, नावों, राहत सामग्री और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों को लगातार गंगा और रामगंगा के जलस्तर की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, रामगंगा नदी का जलस्तर भी लगातार दूसरे दिन घटा है। बुधवार को इसका जलस्तर 134.10 मीटर दर्ज किया गया, जो मंगलवार की तुलना में 10 सेंटीमीटर कम है। खो बैराज से 7,753 क्यूसेक, हरेली बैराज से 140 क्यूसेक तथा रामनगर बैराज से 1,084 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे ग्रामीणों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।


